घबराकर गैस बुकिंग या स्टॉक करने कि जरुरत नहीं, मध्यप्रदेश में ऑयल कंपनियों द्वारा ईंधन की पर्याप्त आपूर्ति जारी

वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद, सरकारी तेल कंपनियां (इंडियनऑयल, बीपीसीएल और एचपीसीएल) मध्यप्रदेश में एलपीजी और पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति लगातार और पर्याप्त मात्रा में कर रही हैं। राज्य में घरेलू एलपीजी की सप्लाई को प्राथमिकता दी जा रही है और गैस सिलेंडर की डिलीवरी सामान्य रूप से जारी है। वर्तमान में मध्यप्रदेश में रोजाना करीब 2.20 लाख एलपीजी सिलेंडर वितरित किए जा रहे हैं, जो सामान्य दिनों के बराबर है।

यह जानकारी इंडियन आयल कारपोरेशन लिमिटेड भोपाल के राज्य मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में अजय कुमार श्रीवास्तव, मुख्य महा प्रबंधक एवं राज्य प्रमुख ने दी | उन्होंने बताया कि घरेलू एलपीजी के साथ-साथ व्यावसायिक गैस की आपूर्ति भी तय नियमों के अनुसार की जा रही है। कम गैस उपयोग करने वाले या जिनके पास स्थानीय पता नहीं है (जैसे छात्र, प्रवासी श्रमिक आदि) के लिए 5 किलो वाले छोटे सिलेंडर भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके लिए मंडीदीप, पीथमपुर, गोविंदपुरा, मालनपुर, देवास, सिंगरौली जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में विशेष कैंप लगाए जा रहे हैं।

प्रेस वार्ता में बताया गया कि मध्यप्रदेश में कुल 13 बॉटलिंग प्लांट (इंडियनऑयल-6, बीपीसीएल-3 और एचपीसीएल-4) कार्यरत हैं, जिनमें पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। इन प्लांट्स से राज्यभर में 1552 गैस एजेंसियों के माध्यम से उपभोक्ताओं को सप्लाई की जा रही है। ग्राहकों को गैस बुकिंग के लिए SMS, मिस्ड कॉल और IVRS जैसे डिजिटल माध्यमों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। अभी लगभग 95% बुकिंग ऑनलाइन हो रही है। डिलीवरी के समय OTP (DAC) के जरिए सही ग्राहक को सिलेंडर दिया जा रहा है। कुछ जगहों पर गड़बड़ी और कालाबाजारी की शिकायतें मिलने पर कंपनियों ने सख्ती बढ़ाई है। जांच के लिए विशेष टीमें बनाई गई हैं। मध्यप्रदेश में अब तक 2485 छापे मारे गए हैं, 10 एफआईआर दर्ज की गई हैं और 3561 सिलेंडर जब्त किए गए हैं।

श्री अजय कुमार श्रीवास्तव् ने इंडियनऑयल के सभी उपभोक्ताओं को भरोसा दिलाया है कि देश में एलपीजी की कोई कमी नहीं है। लोगों से अपील की गई है कि वे घबराकर गैस की बुकिंग या स्टॉक न करें और अफवाहों पर ध्यान न दें। पेट्रोल और डीजल की बात करें तो राज्य में कुल 7147 पेट्रोल पंप हैं, जिनमें से 649 निजी कंपनियों के हैं। राज्य में 4 टर्मिनल और 13 डिपो के जरिए पर्याप्त स्टोरेज और सप्लाई व्यवस्था बनी हुई है। वर्तमान में मध्यप्रदेश में रोजाना लगभग 8000 किलोलीटर पेट्रोल और 16000 किलोलीटर डीजल की सप्लाई हो रही है, जो जरूरत के अनुसार पर्याप्त है। सभी पेट्रोल पंपों पर ईंधन उपलब्ध है, खासकर खेती के मौसम में भी कोई कमी नहीं है।

उन्होंने जनता से आग्रह किया कि किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराकर ईंधन की खरीद न करें। सभी सरकारी तेल कंपनियां राज्य में सुचारु और लगातार आपूर्ति बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

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